Tuesday, 15 September 2026 | 11:55 PM
उत्तर प्रदेश

आजमगढ :स्वप्निल मौर्य ने जे इ एडवांस मेन्स की सफलता हासिल कर रचा इतिहास , बधाई देने वालों का लगा है तांता

जिले के तहसील क्षेत्र बूढनपुर के मड़छा हरिबल्लभ गांव जहां का मूल निवासी स्वप्निल मौर्या ने पहले ही प्रयास में जे ई बनकर एक इतिहास रच दिया है। स्वप्निल मौर्य इस गांव के लवकुश मौर्य का पुत्र हैं जो विना किसी कोचिंग के घर से ही तैयारी करते हुए सफलता हासिल कर उन गरीब बच्चों के लिए एक उदाहरण बन गया है जो
Share:
आजमगढ :स्वप्निल मौर्य ने जे इ एडवांस मेन्स की सफलता हासिल कर रचा इतिहास , बधाई देने वालों का लगा है तांता
Read in your preferred language.

जिले के तहसील क्षेत्र बूढनपुर के मड़छा हरिबल्लभ गांव जहां का मूल निवासी स्वप्निल मौर्या ने पहले ही प्रयास में जे ई बनकर एक इतिहास रच दिया है। स्वप्निल मौर्य इस गांव के लवकुश मौर्य का पुत्र हैं जो विना किसी कोचिंग के घर से ही तैयारी करते हुए सफलता हासिल कर उन गरीब बच्चों के लिए एक उदाहरण बन गया है जो पैसे के अभाव में इसकी तैयारी के लिए कोटा जैसे प्रसिद्ध स्थान पर नहीं जा सकते हैं।स्वप्निल की प्राथमिक शिक्षा मदर उर्मिला मेमोरियल जूनियर हाईस्कूल सुरजीपुर व हाई स्कूल, इण्टर मीडिएट की शिक्षा राम रूप मेमोरियल इण्टर कालेज बूढनपुर से पूरी हुई है। अपने अपने बयान में माता पिता काफी भावुक हो गए थे इन व्दय ने कहा बच्चे की मेहनत देखकर जरूर लगा था कि यह हम लोगों का सपना पूरा करेगा। इसको पढ़ाने वाले शिक्षकों ने बताया है कि यह शुरू से ही मेधावी छात्र रहा है। जो अब इस क्षेत्र की पहचान बन चुका है । जनरल में 16137 रैंक व ओ बी सी में 4480 रैंक हासिल वाले स्वप्निल को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। बेटे की सफलता पर मां संगीता देवी के खुशी का ठिकाना नहीं है। स्वप्निल की माता जहां गृहणी है वहीं पिता लवकुश मौर्य एक निजी स्कूल में शिक्षण कार्य करते हैं। स्वप्निल ने इसका श्रेय अपने माता पिता को देते हुए कहा है कि अगर परिजनों का सपोर्ट व खुद का हौसला है तो कोटा ही नहीं घर से भी सफलता हासिल की जा सकती है। इस अवसर पर लोगों ने स्वप्निल मौर्य के माता-पिता को भी माला पहनाकर सम्मानित किया। स्वप्निल के घर पहुंचकर बधाई देने वालों में मुख्य रूप से शिक्षक चंद्रेश राजभर, शिक्षक अरविंद वर्मा, प्रधान विनीत जायसवाल, शिक्षक अरविंद वर्मा, भाजपा युवा नेता कुंवर बहादुर शुक्ला, शिक्षक विनोद मौर्य, शिक्षक मनीष तिवारी, शिक्षक कमलेश चौबे, सेवा निवृत्त विश्वनाथ वर्मा राम बचन वर्मा, रोहित मौर्य, योगेन्द्र यादव, सत्यप्रकाश सहित दर्जनों लोगों का नाम शामिल हैं।