Wednesday, 28 October 2026 | 2:15 PM
उत्तर प्रदेश

:फर्रुखाबाद के जसमई फीडर पर कर्मचारी अनुज कुमार पाठक को लगा करंट

फर्रुखाबाद के जसमई फीडर पर बुधवार शाम बिजली पैनल में करंट फैलने से कर्मचारी अनुज कुमार पाठक हुआ घायल बताया गया कि पैनल के अंदर छछूंदर द्वारा तार काटे जाने से फॉल्ट हुआ था। लाइनमैन उमाशंकर की सूझबूझ से बिजली सप्लाई बंद कराई गई। घायल कर्मचारी को एंबुलेंस से बरौन सीएचसी भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
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:फर्रुखाबाद के जसमई फीडर पर कर्मचारी अनुज कुमार पाठक को लगा करंट
फर्रुखाबाद। जसमई फीडर पर बुधवार शाम करीब 7:30 बजे बिजली विभाग के कर्मचारी अनुज कुमार पाठक करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद फीडर पर अफरा-तफरी मच गई। लाइनमैन उमाशंकर की सूझबूझ से समय रहते बिजली सप्लाई बंद कराई गई, जिससे कर्मचारी को करंट से राहत मिली।
पैनल में तार कटने से हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिजली पैनल के अंदर एक छछूंदर द्वारा तार काट दिए जाने से फॉल्ट हो गया था। इसके कारण तारों में आग लग गई और पैनल में करंट फैल गया। इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी अनुज कुमार पाठक इसकी चपेट में आ गए। हादसे में उनके सिर में चोट आई और नाक से खून निकलने की बात सामने आई है।
हाथ-पैर में परेशानी, इलाज जारी
घायल कर्मचारी को एंबुलेंस की मदद से बरौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। लाइनमैन उमाशंकर के अनुसार, हादसे के बाद अनुज की आवाज भी नहीं निकल पा रही थी और उनकी हालत सामान्य नहीं थी। पीड़ित का कहना है कि उनके शरीर के दाहिने हिस्से के हाथ-पैर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं और उन्हें चलने में भी परेशानी हो रही है।
अधिकारियों से संपर्क नहीं होने का आरोप
पीड़ित अनुज कुमार पाठक ने आरोप लगाया कि घटना के बाद संबंधित एमडीओ, जेई और उर्मिला इंटरप्राइजेज कंपनी के सुपरवाइजर धीरज यादव की ओर से उनकी स्थिति जानने के लिए संपर्क नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित जेई मासूम अली ने अब तक उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी नहीं ली है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और कंपनी का पक्ष सामने आना बाकी है।
तीन घंटे बाद बहाल हुई बिजली सप्लाई
घटना के बाद फीडर की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी। विभागीय स्तर पर फॉल्ट ठीक किए जाने के बाद लगभग तीन घंटे बाद बिजली आपूर्ति दोबारा चालू कर दी गई। हादसे के बाद कर्मचारी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उनके स्वास्थ्य और उपचार को लेकर चिंता बनी हुई है।बरौन सीएचसी में इलाज होने के बाद घर भेज दिया गया