Friday, 30 October 2026 | 5:48 PM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद में भाकियू टिकैत का प्रदर्शन, गन्ने का रेट ₹600 करने और SIR रद्द करने की मांग

फर्रुखाबाद में संयुक्त किसान मोर्चा एवं राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने शहीद कौशलेन्द्र सिंह की प्रतिमा से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। किसानों ने गन्ने का रेट ₹600 प्रति क्विंटल करने, SIR रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे सहित विभिन्न राष्ट्रीय और स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग की।
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फर्रुखाबाद में भाकियू टिकैत का प्रदर्शन, गन्ने का रेट ₹600 करने और SIR रद्द करने की मांग

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24) संयुक्त किसान मोर्चा एवं राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत फर्रुखाबाद संगठन ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। संगठन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार को दो मांग पत्र सौंपे गए। इनमें एक मांग पत्र संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम तथा दूसरा स्थानीय समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के नाम दिया गया।

किसान नेताओं ने शहीद कौशलेन्द्र सिंह की प्रतिमा से मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने गन्ने के रेट में बढ़ोतरी, SIR को रद्द करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे सहित किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों को गन्ने का रेट कम से कम 600 रुपये प्रति क्विंटल मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि गन्ने से चीनी के अलावा एथनॉल सहित कई अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं और इससे सरकार एवं संबंधित उद्योगों को आय हो रही है, इसलिए इसका उचित लाभ किसानों को भी मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव से जुड़े कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लिया जाना चाहिए तथा SIR को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।

स्थानीय मांगों को लेकर किसान नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 730 सी पर ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों पर बिना पर्याप्त संकेतक लगाए और बिना जागरूकता अभियान चलाए वाहनों के चालान किए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पहले NHAI द्वारा ब्लैक स्पॉट से 500 मीटर पहले और 500 मीटर बाद तक पर्याप्त संकेतक लगाए जाएं तथा लोगों को जागरूक किया जाए, इसके बाद ही कार्रवाई की जाए।

किसान नेताओं ने शहर के व्यस्ततम स्थानों से स्लीपर बसों के संचालन पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि शाम के समय बसें नो-पार्किंग क्षेत्रों में खड़ी होने से जाम की समस्या उत्पन्न होती है। दोपहर बाद से ही स्लीपर बसों के कथित अवैध काउंटर लगने शुरू हो जाते हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।

उन्होंने मसेनी चौराहे जैसे संवेदनशील एवं ब्लैक स्पॉट वाले स्थान से छिबरामऊ जाने वाली बसों के संचालन पर भी रोक लगाने की मांग की। किसानों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

किसान नेताओं ने कहा कि जनपद के किसान एक ओर मौसम की मार और दूसरी ओर बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हैं। ऐसे में किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की।

बिजली विभाग को लेकर किसानों ने कहा कि बिजली बिल के नाम पर किसानों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि किसानों के बिजली कनेक्शन न काटे जाएं और गेहूं की फसल तैयार होने के बाद किसानों से बिजली बिल की वसूली की जाए।

किसान संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शाक्य, कानपुर मंडल उपाध्यक्ष लक्ष्मी शंकर जोशी, कानपुर मंडल पूर्व सचिव अफरोज मंसूरी, जिला संरक्षक छविनाथ शाक्य, जिला उपाध्यक्ष कृष्ण गोपाल मिश्रा, ब्रजेश गंगवार, अशोक यादव, संजीव सोमवंशी, जिला प्रवक्ता गोपी शाक्य, जिला महासचिव अभय यादव, युवा जिलाध्यक्ष अनुज राजपूत, जिला संगठन मंत्री अरविंद गंगवार, राजेश गंगवार, गुड्डू यादव, दिनेश सिंह, बिजनेश यादव, सुशील दीक्षित बाबा जी, कश्मीर गंगवार, रामनरेश यादव, सोनू सोमवंशी, रामप्रकाश पाल, बबलू खटीक, टिंकू यादव, बड़े यादव, सत्येंद्र यादव और अजीत सोमवंशी सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।