Sunday, 08 November 2026 | 3:57 PM
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गया: शिक्षा संबंधी मांगों को लेकर अर्जक संघ का राज्यस्तरीय धरना पटना में 20 को

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गया: शिक्षा संबंधी मांगों को लेकर अर्जक संघ का राज्यस्तरीय धरना पटना में 20 को
गया। अर्जक संघ ने पढ़ाई के लिए लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। संघ के आह्वान पर 20 नवम्बर 2026, दिन शुक्रवार को गर्दनीबाग, पटना में राज्यस्तरीय  धरना दिया जाएगा। 
संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमलेश कुमार वर्मा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शिवनंदन प्रसाद प्रभाकर, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सांस्कृतिक समिति उपेन्द्र पथिक, गया जिला के अध्यक्ष प्रहलाद राय, मंत्री बिनोद विरोधी आदि ने संयुक्त बयान जारी कर  धरना को सफल बनाने की अपील की है।
उक्त नेताओं ने कहा कि यदि अर्जक संघ की शिक्षा संबंधी मांगों को सरकार अमल में लाती है तो समाज में व्याप्त अशिक्षा, अंधविश्वास, अपराध आदि में भारी कमी आएगी। नेताओं ने कहा है कि 20 नवंबर को भारत के अंग राज्यों में भी 20 नवंबर को ही राष्ट्रीय समिति के निर्देश के आलोक में धरना दिया जाएगा। ।
अर्जक संघ का कहना है कि संविधान लागू हुए 75 वर्ष बीत गए, लेकिन संविधान की शपथ लेने वाले अभी तक अनुच्छेद 45 पर अमल नहीं कर पाये हैं। 2002 का 86वाँ संविधान संशोधन और उस पर अमल के लिए 2009 में बने 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (1 अप्रैल 2010) की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।

शिक्षा मानव जीवन का मूल आधार है, बच्चों के विकास, राष्ट्र की एकता एवं उन्नति का मूल स्रोत शिक्षा ही है। धारा 51 के अन्तर्गत देश के प्रत्येक नागरिक के लिए निर्धारित मौलिक कर्तव्यों में से एक कर्तव्य है शिक्षा। ज्ञानार्जन, वैज्ञानिक दृष्टि, मानववाद और सुधार की भावना विकसित करना, जिसकी अनदेखी और अवहेलना सरकार और मीडिया के द्वारा लगातार जारी है। सही शिक्षा के अभाव में पूरा राष्ट्र अंधविश्वास, अश्लीलता, नशाखोरी, अपराध, आतंकवाद, भ्रष्टाचार और घुसखोरी की चपेट में है और समरसता, सादगी, सच्चाई, स्वाभिमान, स्वावलम्बन, समाजिकता एवं बंधुत्व जैसे मानवीय गुणों का तेजी से ह्रास हो रहा है, जिसका हल सिर्फ शिक्षा से ही संभव है। देश के हर बच्चों को शिक्षित करना सरकार का दायित्व है लेकिन सरकार अवतक अपने दायित्व से मुकरती रही है। ऐसी स्थिति में बाध्य होकर 20 नवम्बर 2026 को गर्दनीबाग पटना में अर्जक संघ के आन्दोलन के रास्ते पर उतरना पड़ा है।
अर्जक संघ की मुख्य मांगे :

1. *शिक्षा का उद्देश्य* राष्ट्रीय स्वाभिमान और एकता कायम करना है।
2. सम्पूर्ण शिक्षा में एकरूपता लाने के लिए संविधान में संशोधन करके शिक्षा को केन्द्रीय विषय बनाया जाए ताकि सम्पूर्ण देश की एकता और अखण्डता के लिए एक ही राष्ट्रीय शिक्षा दी जा सके।
3. सारी शिक्षा निःशुल्क, मानवतावादी और राष्ट्रीयकृत हो और 10वीं कक्षा तक ही शिक्षा अनिवार्य।
4. प्राथमिक शिक्षा में केवल 5 विषय-राष्ट्रीयता, नागरिकता, गणित, भूगोल और वैज्ञानिक उपलब्धियाँ विषय ही पढ़ायें जाए और किसी भी स्तर के पाठ्यक्रम में ब्राह्मणवाद के पंचांग-पूर्णजन्म, भाग्यवाद, जाति-पाति, ऊँच-नीच और चमत्कार (कारण रहीत कार्य) शामिल न रहे।
5. 10वीं कक्षा के बाद शिक्षा के दो भाग किये जाये- 1. तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा। 2. माध्यमिक और उच्च शिक्षा।
6. सभी स्तर की शिक्षा में मानव-मानव की बराबरी का मानवीय सिद्धान्त प्रतिपादित रहे और विद्यालयों में परस्पर समता ही व्यवहार और आचरण करना अनिवार्य हो।
7. तकनीकी, व्यवसायिक और विज्ञान के शिक्षा के स्कूल जरूरत भर पर्याप्त संख्यक में खोले जाए ताकि हर शिक्षार्थी मन पसंद रोजगार परक शिक्षा प्राप्त कर स्वावलम्बी बन सके।
8. शिक्षा में किसी भी व्यक्ति, सामाजिक एवं धार्मिक संस्था का प्रवेश एवं हस्तक्षेप पूरी तरह निषिद्ध रहे। सभी विद्यालय सरकार के अधीन हो और सबके लिए समान रूप से खुले रहे।
9. शिक्षा का बजट रखा अज्ञत के बराबर किया जाए।