Tuesday, 15 September 2026 | 9:55 PM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद:कठिन तपस्या के बाद मिली सफलता, विनय दीप रतन शाक्य ने नीट परीक्षा में रचा इतिहास

(द दस्तक 24 न्यूज़) 19 अगस्त 2025 बौद्ध वचनों में कहा गया है –मनुष्य का जीवन मिलना कठिन है, जीवन मिल जाने पर उसका सही मार्ग पर चलना और भी कठिन है, सद्धम्म का मिलना कठिन है और बुद्ध का होना अति कठिन है। यही वचन आज चरितार्थ होते दिखे जब कठिन संघर्ष और तपस्या के बाद एक छात्र ने अपने परिवार, समाज और क्ष
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फर्रुखाबाद:कठिन तपस्या के बाद मिली सफलता, विनय दीप रतन शाक्य ने नीट परीक्षा में रचा इतिहास
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(द दस्तक 24 न्यूज़) 19 अगस्त 2025 बौद्ध वचनों में कहा गया है –मनुष्य का जीवन मिलना कठिन है, जीवन मिल जाने पर उसका सही मार्ग पर चलना और भी कठिन है, सद्धम्म का मिलना कठिन है और बुद्ध का होना अति कठिन है। यही वचन आज चरितार्थ होते दिखे जब कठिन संघर्ष और तपस्या के बाद एक छात्र ने अपने परिवार, समाज और क्षेत्र का नाम रोशन किया।

फर्रुखाबाद के देवकी नन्दन शाक्य के सुपुत्र विनय दीप रतन शाक्य ने छह वर्षों की कठिन मेहनत और अनुशासन के बल पर प्रतिष्ठित नीट (NEET) परीक्षा में 529 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 24,574 हासिल की है। इस उपलब्धि के बल पर उन्हें उत्तर प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेज, बिजनौर में प्रवेश मिला है।

★तीन साल की पीड़ा और चौथे वर्ष की सफलता

यह सफलता यूं ही नहीं मिली। लगातार तीन वर्षों तक मात्र एक-एक अंक से सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने से चूक जाने के कारण विनय और उनके परिवार ने गहरी पीड़ा झेली। मगर हिम्मत न हारते हुए उन्होंने चौथे प्रयास में इस कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण कर नया इतिहास रचा।

पिता देवकी नन्दन शाक्य बताते हैं –जब तीन बार लगातार मात्र एक अंक से सपना अधूरा रह गया तो मन में कितनी वेदना हुई होगी, यह मैं ही जानता हूँ। लेकिन बेटे ने हार नहीं मानी। आज वही पीड़ा प्रेरणा बनकर नए सपनों का आधार बन गई है।

★समाज और शिक्षण संस्थानों ने किया सम्मानित

विनय दीप की इस सफलता ने पूरे क्षेत्र और समाज को गर्वान्वित किया है। विभिन्न समाजसेवी संगठनों, शिक्षण संस्थानों और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर पिता देवकी नन्दन शाक्य ने सभी का सह्रदय आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मान केवल उनके बेटे का नहीं, बल्कि उन तमाम छात्रों और परिवारों का है जो कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा और मेहनत का मार्ग चुनते हैं।

★नए सपनों की शुरुआत

विनय दीप अब एक कुशल चिकित्सक बनने की राह पर हैं। उनके परिवार का कहना है कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक प्रेरणा का स्रोत है। इससे क्षेत्र के युवाओं को संदेश मिलता है कि कठिन से कठिन परिस्थिति में भी “अडिग तपस्या और धैर्य” से सफलता प्राप्त की जा सकती है।

★मंगलकामनाएँ

देवकी नन्दन शाक्य ने अपने पुत्र को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा –आज जिन पीड़ाओं को हमने सहा था, वे समाप्त हो चुकी हैं और उनकी जगह नए सपनों ने ले ली है। मैं अपने पुत्र को मंगलकामनाएँ देता हूँ और उन सभी समाज के गणमान्य लोगों का आभार प्रकट करता हूँ जिन्होंने हमें और मेरे बेटे को सम्मान दिया। यह उपलब्धि न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज और जनपद के लिए गौरव का विषय है। विनय दीप रतन शाक्य ने साबित कर दिया कि “सफलता उन्हीं को मिलती है जो हार मानने के बजाय हर असफलता को नई शुरुआत का आधार बनाते हैं।”