Friday, 30 October 2026 | 6:41 PM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद: श्रीरामनगरिया मेले की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश

फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर 22 जनवरी से 20 फरवरी 2027 तक श्रीरामनगरिया मेला एवं विकास प्रदर्शनी आयोजित होगी। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर घाट, स्वच्छता, सुरक्षा, आवागमन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
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फर्रुखाबाद: श्रीरामनगरिया मेले की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24) 29 अक्टूबर 2026 पांचाल घाट पर आगामी 22 जनवरी से 20 फरवरी 2027 तक आयोजित होने वाले प्रसिद्ध श्रीरामनगरिया मेला एवं विकास प्रदर्शनी की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने गुरुवार को मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मेले के सुव्यवस्थित आयोजन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, अस्थायी घाटों के निर्माण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि पांचाल घाट पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला श्रीरामनगरिया मेला जनपद की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक है। मेले में बड़ी संख्या में साधु-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं, जिससे किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आश्रमों के आसपास श्रद्धालुओं के स्नान के लिए बनाए जाने वाले अस्थायी घाटों की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि घाटों का निर्माण श्रद्धालुओं की संभावित संख्या और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कराया जाए। घाटों पर स्नान के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के ठहरने, रहन-सहन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित तैयारियों की भी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कहा कि मेले को और अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए स्थानीय साधु-संतों के सुझाव एवं मंतव्य भी लिए जा रहे हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाए तथा मेला क्षेत्र में निवास करने वाले साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

‘उत्तर प्रदेश दर्शन’ की दिखेगी झलक

जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार मेले को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए संस्कृति विभाग एवं पर्यटन विभाग के सहयोग से विशेष प्रयास किए जाएंगे। मेले में ‘उत्तर प्रदेश दर्शन’ की अवधारणा के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों की झलक प्रदर्शित करने की योजना है।

इसके माध्यम से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी मिल सकेगी।

फूड कोर्ट विकसित करने की योजना

मेले में खानपान की सुविधाओं को व्यवस्थित करने के लिए फूड कोर्ट विकसित किए जाने की भी योजना है। इससे विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ एक स्थान पर उपलब्ध होंगे और श्रद्धालुओं को खानपान के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले की सभी व्यवस्थाओं की योजना इस प्रकार तैयार की जाए कि श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन, स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित स्नान और बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र की आवश्यकताओं का समुचित आकलन कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाए, ताकि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, खण्ड विकास अधिकारी बढ़पुर योगेश पाण्डेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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